ताऊ जी के लड़के से अपनी गांड के छेद को चौड़ा करवा दिया

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मेरा नाम शीतल है और मैं एक कंपनी में जॉब करती हूं और मेरी उम्र 26 वर्ष है। मैं फरीदाबाद की रहने वाली हूं और मुझे इस कंपनी में जॉब करते हुए 1 वर्ष हो चुका है। मुझे यहां पर मेरे मामा जी ने लगवाया था क्योंकि वह पहले इस कंपनी में जॉब करते थे। अब वह कहीं और जॉब कर रहे हैं। मामा जी ने आज ही रिजाइन दे दिया है लेकिन फिर भी मेरा रिलेशन इस ऑफिस में बहुत ही अच्छा बना हुआ है और सब लोग मेरी बहुत ही तारीफ किया करते हैं। मैं एक शरारती किस्म की लड़की भी हूं और मैं बहुत ज्यादा शरारत करती हूं लेकिन मेरे बॉस मुझे कभी भी कुछ नहीं कहते। वह कहते हैं कि तुम एक बहुत ही अच्छी लड़की हो और अपना काम भी तुम सो प्रतिशत देती हो। इसलिए मैं तुम्हें कभी भी कुछ नहीं कहता हूं और मैं भी तुमसे बहुत ही खुश रहता हूं।

एक दिन हमारे ऑफिस में एक नया लड़का आया। उसका नाम रजत है। वह बहुत ही सीधा सा लड़का लग रहा था। मैंने जब उससे बात की तो वह मुससे बात भी नहीं कर रहा था। फिर भी मैं उससे से बात करने की कोशिश कर रही थी। अब मुझे पता चल चुका था कि यह एक बहुत ही सीधा सा लड़का है। तो मैंने सोचा कि अब इसे परेशान किया जाए। मैं ऑफिस में उसे बहुत ज्यादा परेशान किया करती थी। क्योंकि वह नया था इसलिए मुझे ज्यादा कुछ नहीं बोल पाता था और मैं ऐसे ही उसे परेशान करती रही लेकिन जब धीरे-धीरे समय बीतने लगा तो मैं उसे थोड़ा कम परेशान किया करती थी। परंतु फिर भी जब मुझे मौका मिलता तो मैं उसे जरूर किसी ना किसी बात को लेकर चिढ़ा देती थी। फिर भी उसने मुझसे कभी भी कुछ नहीं कहा। क्योंकि उसका नेचर बहुत ही शांत स्वभाव का था। एक दिन मेरी छुट्टी थी और मैं उस दिन घर पर ही थी। हमारे घर पर कुछ लोग आए हुए थे और मैंने देखा कि रजत भी हमारे घर पर आया हुआ है। मैं उसे देखकर चौंक गई और उसने मुझे देखा तो वह भी हैरान रह गया। मैं अपने पिताजी और अपनी मां के साथ बैठ गई।

वह लोग उसके पिताजी से बात कर रहे थे। जब उन्होंने मुझे उसके पिता जी से मिलवाया तो वह कहने लगे की तुम कितनी बड़ी हो चुकी हो। मैंने तुम्हें बचपन में देखा था। मुझे तब भी समझ नहीं आया कि इन से हमारा क्या संबंध है और यह लोग क्यों हमारे घर आए हुए हैं। फिर मेरे पिताजी ने ही मुझे बताया कि यह हमारे रिश्तेदार हैं और यह रिश्ते में तुम्हारे ताऊ जी लगते हैं। मैं यह बात सुनकर बहुत ज्यादा हैरान रह गई क्योंकि मैं कभी भी रजत से पहले ना तो मिली थी और ना ही उसके पिताजी कभी हमारे घर आए थे। मैंने उन्हें पहली बार ही अपने घर पर देखा था। इस वजह से मैं थोड़ा हैरान थी। जब वह लोग हमारे घर से चले गए तो मैंने अपने पिताजी से उनके बारे में पूछा तो वह कहने लगे कि वह हमारे गांव के ही रिश्ते में आते हैं। उनके और हमारे संबंध बहुत ही अच्छे हैं। उन्होंने ही मुझे मेरा काम खोलने के लिए पैसे दिए थे और उन्हीं की वजह से मैं शहर में अपना काम खोल पाया। यदि वह मेरी मदद नहीं करते तो शायद आज मैं इस मुकाम पर नहीं होता और ना ही तुम शहर में होते। उनके मुझ पर बहुत ऐहसान हैं। अब यह बात सुनकर मैं अपने आपको बहुत ज्यादा शर्मिंदा महसूस कर रही थी। क्योंकि मैंने रजत के साथ बहुत ही बदतमीजी की थी। ऑफिस में उसके साथ मैंने बहुत ही बुरा बर्ताव किया था। मुझे अपने आप पर बहुत पछतावा हो रहा था और मैं इसके लिए रजत को सॉरी बोलना चाहती थी। जब अगले दिन मैं ऑफिस गई तो मैंने रजत को इस बारे में सॉरी कहा और वह कहने लगा कोई बात नहीं। मुझे भी नहीं पता था कि तुम हमारे रिश्ते में आती हो। रजत भी मुझसे बहुत अच्छे से बात करने लगा और मैं भी उससे बहुत बातें करने लगी। वह अक्सर हमारे घर आ जाया करता था और अब मैं भी उसके घर जाने लगी। उसके माता-पिता हमारे घर आते ही रहते थे और मेरे माता पिता भी उनके घर जाने लगे।

एक दिन रजत हमारे घर पर आया हुआ था और वह मेरे पिताजी से बात कर रहा था वह काफी देर तक मेरे पिताजी से बात कर रहा था। मैं भी उसके बगल में ही बैठी हुई थी थोड़ी देर बाद में उठ कर अपने कमरे में चली गई। मैं अपने बिस्तर पर लेटी हुई थी जब मैं अपने बिस्तर में लेटी हुई थी तो रजत मेरे कमरे में आ गया  वह मेरे बगल में ही बैठा हुआ था। मैं भी उसके बगल में ही थी और थोड़ी देर में मुझे रजत को देखकर पता नहीं क्या होने लगा।

मैंने उसके हाथों को अपने हाथों में पकड़ लिया और उसने भी मेरे हाथों को पकड़ लिया। थोड़ी देर बाद मुझे उसे देख कर बहुत ज्यादा  फीलिंग आने लगी। मैंने तुरंत ही उसको किस कर लिया और वह कहने लगा तुम यह सब क्या कर रही हो। लेकिन मैंने उसे दोबारा से किस करना शुरू कर दिया। इस बार उससे भी नहीं रहा गया और उसने भी मुझे किस करना शुरू कर दिया और मेरे स्तनों को अच्छे से चूसने लगा। वह मेरे स्तनों को बहुत ही अच्छे से चूसता जाता जिससे कि मेरे अंदर की उत्तेजना और बढ़ने लगी। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब वह मेरे स्तनों को चूस रहा था और बड़े ही अच्छे से उन्हें अपने मुंह के अंदर ले रहा था। अब उसने मुझे बिस्तर पर लेटा दिया और उसने मेरी चूत को चाटना शुरू कर दिया। वह मेरी चूत को बहुत ही अच्छे से चाट रहा था जिससे कि मेरा पानी गिरने लगा। मेरा पानी इतनी तीव्रता से गिर रहा था कि उसे वह अपने मुंह के अंदर ले लेता। अब मुझसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हुआ और मैंने उसके लंड को पकड़ते हुए अपने मुंह के अंदर समा लिया और उसे बहुत देर तक सकिंग करती रही। मैंने उसके लंड को बहुत देर तक अपने मुंह के अंदर ही रखा और उसे चूसना जारी रखा। मेरी चूत से कुछ ज्यादा ही पानी निकलने लगा और मेरी चूत बहुत गीली हो गई।

अब उसने जैसे ही मेरी नरम और मुलायम चूत मे अपने लंड को डाला तो मुझे बहुत ही मजा आ गया और मेरे मुंह से आवाज निकल गई। मैं तेजी से चिल्लाने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब वह मेरी चूत मार रहा था और मुझे झटके दिए जा रहा था। वह बड़ी तेज गति से मुझे चोदने मे लगा हुआ था और मेरा शरीर पूरा गरम हो गया। मुझे मज़ा आने लगा मुझे ऐसा लगने लगा कि जैसे रजत मेरी चूत फाड़ देगा। वह मेरे स्तनों और होठों का रसपान बड़े ही अच्छे से कर रहा था। वह मेरे होठों को इतना अच्छे से अपने मुंह में लेकर चूस रहा था कि मेरा शरीर पूरा गर्म होता जाता। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब वह मेरे होठों को अपने होठों में ले कर चूस रहा था। मुझे बहुत मज़ा आने लगा और मैंने अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया। जब मैंने अपने पैरों को खोला तो उसने और भी तेजी से मुझे चोदना शुरू कर दिया।

वह बड़ी तीव्र गति से मुझे धक्के दे रहा था थोड़ी देर बाद मैंने उसके  लंड को अपनी चूत से बाहर निकालते हुए अपनी चूतडो को उसके मुंह पर कर दिया। उसने मेरी गांड को चाटना शुरू कर दिया और वह मेरी गांड को बहुत अच्छे से चाट रहा था। मेरी गांड पूरी गीली हो गई और उसने अपने मोटे लंड को मेरी गांड के अंदर घुसेड़ दिया। जैसे ही उसने अपने लंड को मेरी गांड में डाला तो मेरी गांड से खून आ गया।  वह मुझे तेजी से झटके दिए जा रहा था और मुझे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था। जब उसके लंड से मेरी गांड रगड़ रही थी तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और मुझे ऐसा लग रहा था जैसे वह मेरी गांड मारता ही रहे तो मुझे बहुत मजा आ जाएगा। रजत वैसे ही बहुत तेज तेज धक्के दिए जा रहा था और मेरी गांड बहुत बुरी तरीके से छिल चुकी थी। मैं भी उसके लंड पर अपनी गांड को धक्के दिए जा रही थी और वह भी मुझे बहुत तेज तेज धक्के दिए जा रहा था। उन्हीं झटको के बीच में हम दोनों की गर्मी निकलने लगी और उसका वीर्य मेरी गांड के अंदर ही गिर गया। मुझे बहुत ही मजा आया और हम दोनों ऐसे ही बैठे हुए थे। मेरी गांड से उसका वीर्य टपक रहा था।