दीदी की सास की मस्त चुदाई

हैल्लो दोस्तों, में आज अपनी एक और नई कहानी लेकर आप सभी सेक्सी कहानियाँ पढ़ने वालो के पास दोबारा से आया हूँ, जिसमे मैंने अपनी दीदी की सासू माँ की चुदाई के मज़े लिए और उनकी जमकर चुदाई की, में उम्मीद करता हूँ कि मेरी पिछली कहानी की तरह यह कहानी भी आप लोगों के मन को जरुर भा जाएगी.

दोस्तों मेरा नाम राजा है और में नेपाल में रहता हूँ और अभी कुछ समय पहले ही मेरी दीदी की शादी हुई है और में उन दिनों अपनी दीदी के घर पर गया हुआ था. उस समय मेरी दीदी हनिमून के लिए कहीं बाहर गई थी और वहाँ की देखभाल करने के लिए मुझे बुलाया गया था. फिर में जब वहाँ पर पहुँचा तो मेरी दीदी की सास मुझे देखकर बहुत खुश हुई और उन्होंने मेरे चाय पानी का इंतजाम किया और हम दोनों ने बहुत सारी इधर उधर की बातें की, हमारा हंसी मजाक ऐसे ही चलता रहा और बातों ही बातों में ना जाने कब रात हो गई.

दोस्तों उनका घर बहुत बड़ा था इसलिए हम दोनों ने रात को एक ही कमरे में सोने का विचार बनाया और रात को सोने से पहले सासू जी ने मुझसे कहा कि बेटा तुम सफर से बहुत थक गये होंगे, लाओ में तुम्हारे शरीर की मालिश कर देती हूँ.

फिर मैंने उनको बोला कि हाँ में थक तो बहुत गया हूँ, क्योंकि में पूरे 300 किलोमीटर गाड़ी चलाकर आया हूँ खैर आप रहने दीजिए, लेकिन वो नहीं मानी और फटाफट तेल लेकर आ गई. में उस समय बिस्तर पर लेटा हुआ था. वो पहले मेरे सर की मालिश और उसके बाद वो मेरे हाथों की मालिश करने लगी. अब मेरी नज़र उनके बड़े बड़े बूब्स पर थी जो आधे बाहर दिखाई दे रहे थे.

दोस्तों उनके बूब्स वाकई में बहुत गजब के थे. फिर वो मेरे पैर की मालिश करने लगी और अब मैंने गौर किया कि उनकी नज़र मेरी अंडरवियर पर थी, वो जानबूझ कर अपने हाथ को मेरी अंडरवियर तक ले आती और उनके छूने की वजह से मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया था, वो लगातार उसको घूर घूरकर देख रही थी और तभी अचानक से सासू जी मेरा लंड पकड़कर मुझसे बोली कि बेटा क्या में इसकी भी मालिश कर दूँ? मेरे मुहं से कोई आवाज़ नहीं निकली और में एकदम चुप रहा तो उन्होंने मेरी अंडरवियर को सरकाकर मुझे पूरा नंगा कर दिया और अब वो मेरे लंड को पकड़कर सहलाने लगी और बहुत सारा तेल अपने हाथ में लेकर मेरे लंड की मालिश करने लगी.

मेरा लंड उनके हाथों में आते ही टाइट होने लगा और वो अपने हाथों से मेरे लंड को धीरे धीरे ऊपर नीचे करके मालिश करने लगी. अब उनके पेट पर वो नाभि जो बड़ी और बहुत गहरी थी मुझे दिखाई दे रही थी वैसे भी में औरतों की नाभि का बहुत बड़ा दीवाना था, चाहे वो जैसी भी औरत हो बस उसकी नाभि गहरी होने चाहिए.

अब सासू जी ने उठकर उनके कपड़ो को ऊपर सरकाकर वो मेरी कमर के दोनों तरफ अपने पैर करके मेरे ऊपर बैठ गई, जिसकी वजह से मुझे उनकी चूत साफ साफ दिखाई देने लगी और मेरा लंड उनकी चूत की झांटो से छूने लगा और अब वो मेरे पतले पेट की मालिश करने लगी, उनके हाथों की उंगलियां मेरे निप्पल को सहला रही थी.

फिर सासू जी एक बार उठकर थोड़ा सा आगे पीछे सरक गई, जिसकी वजह से मेरा लंड चूत की ठीक दिशा में और बहुत चिकना होने की वजह से सीधा उनकी चूत में घुस गया जैसे ही मेरा लंड सासू की चूत में घुसा तो वो मुझे पागलों की तरह मेरे होंठो को चूमने लगी फिर वो मेरी छाती की मालिश करने लगी और मेरा लंड पूरा सासू जी की चूत में घुस गया था. वो मेरे लंड पर अपनी चूत को अंदर बाहर करने लगी और पता नहीं क्यों, लेकिन मुझे उनकी चूत बहुत टाइट लग रही थी और मेरा लंड इस समय बहुत बड़ा और मोटा हो गया था. फिर करीब पांच मिनट के बाद वो मुझसे बोली कि सैयाँ जी आप अपने लंड से अपनी तारा की चूत चोदो ना और मैंने उन्हे पूरा नंगा कर दिया.

मैंने देखा कि सासू जी की चूत में बहुत सारे बाल थे, क्योंकि बहुत दिनों से झांटो की सफाई ना करने की वजह से उनकी झांटे ज्यादा लंबी हो गई थी और अब में तारा की झांटो वाली चूत को सहलाने लगा और अपनी एक उंगली को मैंने तारा की चूत में डाल दिया, वाकई में तारा की बहुत टईट चूत थी और में ज़ोर ज़ोर से तारा की चूत में उंगली कर रहा था और तारा आह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्ह कर रही थी.

फिर में अपने लंड से सहलाने लगा और लंड को तारा की चूत के ऊपर रगड़ने लगा. फिर मैंने लंड को एक झटके में तारा की चूत में डाल दिया, जिसकी वजह से तारा ज़ोर से चीख पड़ी, ओह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह्ह राजू धीरे करो, मेरी चूत फट जाएगी, मुझे बहुत दर्द हो रहा है. अब में थोड़ी देर रुककर तारा के ऊपर लेटकर उसके होंठो को चूसने लगा और तारा के दोनों बूब्स को मसलने लगा.

अब में तारा के होंठो को चूसते हुए सासू माँ की चूत को चोदने लगा, मेरा लंड तारा की चूत को जमकर चोद रहा था और उस पूरे कमरे में चुदाई का तूफान चल रहा था. मेरा लंड सास की चूत को चोद रहा था और तारा भी अपनी गांड को उठा उठाकर अपनी चूत में मेरा लंड ले रही थी और में उनके होंठो को चूसते हुए उनकी चूत पर अपने लंड का धक्का मार रहा था. करीब 30 मिनट की जमकर चुदाई में मैंने उनकी चूत की नस नस को एकदम ढीला कर दिया था, वो चार बार झड़ चुकी थी, लेकिन मेरा लंड अब भी उनकी चूत को चोदे जा रहा था.

फिर वो मुझसे बोली कि बेटा अब रहने दो ना मेरी चूत की प्यास बुझ गई है राजा प्लीज छोड़ दो ना मेरे साजन तुम थक जाओगे तो में बोला कि तारा डार्लिंग में घंटो तक लगातार चोदता हूँ, मुझे कोई फ़र्क नहीं पड़ता. फिर तारा बोली कि किसे चोदते हो सैयाँ? में बोला कि अपनी सगी माँ की चूत को में हर रोज चोदता हूँ और हर दिन अपनी माँ का गांड भी मारता हूँ.

फिर वो बोली वाह राजू तू तो बड़ा छुपा रुस्तम निकाला, अब मेरी चूत की चुदाई छोड़ चल अब तू मेरी गांड मार मैंने उसको बोला कि अरे तारा तुम जानती हो कि गांड मरवाना क्या होता? तो वो बोली कि ऐसी कोई बात नहीं है रे, जैसे तू अपनी माँ की चूत को चोदता है ठीक वैसे ही मेरा बेटा भी चोदता है, उसमें फ़र्क बस इतना है कि तुम अपनी माँ की चूत को चोदते हो और मेरा बेटा मेरी गांड मारता है.

अब मैंने पूछा कि ऐसा क्यों? तो वो बोली कि वो साला गांडू निकल गया और वो मोहल्ले के कई लड़को की गांड मार चुका है और उसे गांड मारने का चस्का लग चुका था. एक दिन मैंने उसको हमारे घर पर काम करने वाली बाई की गांड मारते हुए देख लिया, वो बहुत ज़ोर ज़ोर से चिल्ला रही थी, लेकिन वो उसकी गांड को कस कसकर धक्के मार रहा था और उसने मुझे देख लिया था, में छुपकर उसे देख रही थी और वो अपने लंड को पूरा बाहर निकालकर उसकी गांड में डाल देता, मेरे बेटे का लंड भी बहुत मोटा है बिल्कुल तुम्हारी तरह.

अब मैंने उनसे पूछा कि तुमने उससे कैसे गांड मरवाई? तो वो बोली कि एक दिन में एक आसन में उल्टी लेटी हुई थी. मैंने अपनी गांड को पूरी नंगी कर रखी थी, मेरा बेटा आया और वो उस समय बहुत नशे में था, उसने मेरी गोल बड़ी आकार की गांड को देखा और फिर वो मेरे ऊपर टूट पड़ा और मेरी गांड को देखते ही उसका लंड खड़ा हो गया और वो तुरंत नंगा होकर अपने लंड में वेसलिन लगाकर आ गया और उसने मेरी गांड को फैलाकर मेरी गांड में धीरे धीरे वेसलीन लगा दिया और अपना लंड मेरी गांड में डालकर वो मेरे ऊपर लेट गया, में जागी और उससे बोली कि गुड्डू तुम यह क्या कर रहे हो?

वो मुझसे कहने लगी कि माँ मेरी जान तुम्हारी गांड कितनी मस्त है प्लीज मुझे आज इसको मार लेने दो ना, इतना कहकर उसने एक ज़ोर का धक्का मारा और उसका पूरा लंड मेरी गांड में चला गया और वो मेरी गांड को जमकर धक्के देकर चोदने लगा. अब में उससे बोला कि चल अब तारा अपनी गांड को फैला तेरी कहानी सुनकर मेरा लंड और ज्यादा टाईट हो गया है.

उसके बाद मैंने अपना लंड सासू की चूत से बाहर निकालकर उनकी गांड के छेद में डालने लगा, वो अपनी गांड को अपने दोनों हाथों से चीरने लगी, जिसकी वजह से मेरा लंड बहुत आसानी से उनकी गांड में फिसलकर अंदर चला गया और में उनके होंठो को चूसते हुए उनकी गांड में अपना लंड डालने लगा, मेरा लंड अब सटासट सासू की गांड को चोद रहा था और वो भी जमकर मेरा सहयोग दे रही थी.

फिर मैंने सास की गांड में से लंड को बाहर निकाल लिया और उनको डोगी स्टाईल में कर दिया और उनकी गांड को पीछे से लंड डालकर धक्के मारने लगा, वैसे मुझे बड़ी उम्र की औरतो की गांड और चूत चोदने में बहुत मज़ा आता है, में उनकी गांड को बहुत कस कसकर धक्के मार रहा था, वो भी अपनी गांड को हिला हिलाकर मरवा रही थी, आह्ह्ह्हह उफफ्फ्फ्फ़ राजू मेरी चूत के राजा हाँ आज फाड़ दो ना तुम मेरी चूत को और कस कसकर मारो मेरी गांड वाह मज़ा आ गया.

दोस्तों में अब अपने दोनों हाथों को आगे ले जाकर उनके बूब्स को पकड़कर ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा और अपने लंड से उनकी गांड को लगातार धक्के मारने लगा. फिर करीब 40 मिनट तक लगातार सास की गांड को धक्के मारने के बाद मैंने उनकी गांड में अपने लंड का सारा रस गिरा दिया. फिर हम लोग नंगे ही एक दूसरे की बाहों में चिपककर लेट गये और रात ज्यादा होने की वजह से सो गये तो सुबह मेरी नींद बहुत देरी से खुली. पहले में उठा और मैंने देखा कि दिन के उजाले में उनकी झांटे चमक रही थी, में अपना शेविंग बॉक्स निकाल कर ले आया और उनकी झांटो पर क्रीम लगाने लगा. फिर मैंने अपनी सासू जी की झांटो को साफ करके उनकी चूत को एकदम चिकना कर दिया, उनकी गांड के बालों को भी साफ कर दिया और वो चुपचाप देख रही थी. फिर हम लोग बाथरूम में साथ साथ गए और नहाने लगे.

उसके बाद में उनकी चूत में और गांड पर बहुत सारा साबुन लगाकर मैंने धो डाला, जिसकी वजह से उनकी चूत और गांड अब एकदम चमक रही थी, में उनकी चूत की फांको को अपने हाथों से फैलाकर अपनी जीभ से चाटने लगा, वो मस्ती में मेरे सर को पकड़कर अपनी चूत को मेरे मुहं पर रगड़ने लगी. फिर में उन्हें आगे झुकाकर उनके चूतड़ को फैलाकर उनकी गांड के छेद को चाटने लगा, अब मेरा लंड अकड़ गया था और वो भी बहुत गरम हो गई. फिर मैंने सीधे होकर खड़े खड़े ही उनकी चूत में अपने लंड को डालकर चुदाई करने लगा और उन्होंने अपने दोनों हाथों को मेरे कंधे पर रखकर मुझे बहुत कसकर पकड़ लिया और मैंने भी अपने दोनों हाथों से उनके गले में बाहें डालकर उनको पकड़ लिया.

फिर हम दोनों आपस में एक दूसरे को धक्का मारने लगे और ऊपर से फव्वारे का पानी सीधे चूत, लंड पर गिर रहा था, जिससे फच फच की आवाज़ निकल रही थी, हमें वाकई में बहुत मज़ा आ रहा था और कुछ समय चूत को चोदने के बाद मैंने अपना लंड उनकी चूत से बाहर निकाला और लंड पर साबुन लगाकर उनको पीछे घुमाकर खड़े खड़े ही उनकी गांड में अपना लंड डालकर उनकी गांड मारने लगा, वो अपनी गांड से मेरे लंड को दबा रही थी. फिर में उनकी गांड को कस कसकर धक्के मारने लगा और ज्यों ही मेरा लंड झड़ने वाला था, उनकी गांड से लंड को बाहर निकालकर मैंने उनको जल्दी से ज़मीन पर बैठाकर उनके मुहं में अपना लंड डाल दिया और लंड का पानी उनके मुहं में भर दिया, वो मेरे लंड का सारा रस चाट चाटकर पी गई और मेरे लंड को जीभ से चाटने लगी.

फिर मैंने उनकी चूत में अपनी एक उंगली को डालकर तब तक अंदर बाहर करता रहा जब तक वो झड़ ना गई और फिर जब वो झड़ गई. उसके बाद हम लोग बाहर आ गये. दोस्तों मुझे आज घूमने जाना था तो में तैयार होकर तुरंत बाहर गाँव में घूमने निकला और दिन भर में आसपास के गाँव को देखने लगा. फिर जब शाम होने को आई तो में घर की तरफ चला और अंधेरा होते होते में घर पर लौट आया और मैंने जैसे ही अपना कदम घर में रखा तो मुझे गश आ गया और मैंने देखा कि सासू माँ जो विधवा थी, वो आज मेरे सामने सजधज के खड़ी हुई थी और वो मुझे देखकर मुस्कुरा रही थी.

मैंने देखा कि लाल साड़ी हाथों में चूड़ी होंठो पर लिपस्टिक हाँ, लेकिन उनकी माँग में सिंदूर नहीं था, में झट से फाटक बंद करके उनके पास चला गया तो वो मेरे पैर छूने लगी तो में समझा कि वो मेरा लंड चूसने जा रही है. फिर मैंने उन्हें ऊपर उठाया और उन्हें बिस्तर पर घूँघट करके बैठा दिया. फिर में उठकर मेरी दीदी के कमरे में गया और वहां पर जाकर सिंदूर खोजने लगा, सिंदूर मिलने के बाद में उसको लेकर वापस तुंरत आ गया और मैंने देखा तो सासू डार्लिंग वैसे ही बैठी हुए थी, में उनके पास गया और एक हाथ में चुटकी भर सिंदूर लेकर दूसरे हाथ से उनके घूंघट को खोल दिया और उनकी माँग में मैंने वो सिंदूर लगा दिया तो वो मेरे गले लग गई.

फिर में उनके लाल लाल होंठो को चूमने लगा और एक हाथ से उनके पेटीकोट में हाथ डालकर उनकी चूत को सहलाने लगा. तभी उन्होंने मेरी पेंट को खोलकर मेरी अंडरवियर को नीचे सरकाकर मेरे लंड को पकड़ लिया और उसे वो बहुत प्यार से धीरे धीरे सहलाने लगी. दोस्तों मुझे आज उनकी चूत बहुत चिकनी महसूस होने की वजह से ज़्यादा अच्छी लग रही थी, में उनकी चूत को मसल रहा था और उनके होंठो को चूस रहा था, मेरा लंड उनके हाथ में था और अकड़कर उनकी चूत को फाड़ने के लिये तैयार था.

फिर हम दोनों 69 पोज़िशन में लेट गये, में उनकी चूत को चूस रहा था और वो मेरे लंड को चूस रही थी, में अपनी पूरी जीभ उनकी चूत के अंदर डालकर उनकी चूत के रस को पी रहा था, वो भी मेरे लंड को ज़ोर ज़ोर से चूस रही थी. फिर में उनकी गांड के छेद को चाटने लगा, वो भी अपनी गांड के छेद को फैलाने लगी थी, वैसे उनके लड़के ने अपने मोटे लंड से उनकी गांड को बहुत बार मारकर गांड को फैला दिया था, इसलिए मेरी जीभ बहुत आसानी से उनकी गांड के छेद में जा रही थी और में मस्ती में उनकी गांड को चाट रहा था, वो भी अपनी गांड को मेरे मुहं पर रगड़ रही थी.

फिर मैंने उससे कहा कि तारा डार्लिंग सभी लोग चूत को चोदकर सुहागरात मनाते है, लेकिन में आज तुम्हारी गांड मारकर सुहागरात मनाऊंगा और फिर मैंने उनको कुत्ते की तरह झुका दिया और उनकी साड़ी पेटीकोट को ऊपर उठा दिया और अपना लंड उनकी गांड के छेद पर रगड़ने लगा. अब उन्होंने भी अपने दोनों हाथों से मेरी गांड को पकड़कर पूरा फैला दिया था, जिसकी वजह से खुली हुई गांड मेरे सामने थी और में उनकी गांड में अपना लंड डालकर उनकी गांड को लगातार धक्के मारने लगा और वो भी मुझे बहुत जोश दिला रही थी, ओह्ह्ह्हह वाह मज़ा आ गया, सैयाँ मेरी चूत के राजा आज मेरी गांड को फाड़ दो और ज़ोर से मारो मेरी गांड मेरे राजा.

अब मेरे लंड की स्पीड बड़ गई थी और में तेज़ी से उनकी गांड मार रहा था और वो भी बोल रही थी हाँ और ज़ोर से मेरे राजा और कसकर बहुत ज़ोर से डालो मेरे बालम आह्ह्ह्ह ओहहहहह उफ्फ्फ्फ़. फिर मैंने उनकी गांड को मारते मारते उनको खड़ा कर दिया और खड़े खड़े ही उनकी गांड मारने लगा, में उनके दोनों बूब्स को पकड़कर ज़ोर से दबाने लगा और अपने लंड से उनकी गांड की प्यास बुझाने लगा. करीब एक घंटे के बाद मेरे लंड का रस मैंने उनकी गांड के अंदर डाल दिया. उसके बाद मैंने उन्हें बेड पर लेटा दिया और उनके गुलाबी होंठो, कानों, गोरे गालो, गले को चूमने लगा और वो मेरे लंड को पकड़कर सहलाने लगी, में अब उनके बूब्स को चूसने लगा.

फिर में उनकी गहरी नाभि को भी अपनी जीभ से चाटने लगा और जोश में आकर उन्होंने मेरे सर को पकड़कर अपनी चूत के ऊपर रख दिया. दोस्तों तब मैंने सूंघकर पता लगाया कि आज उन्होंने अपनी चूत पर चंदन का साबुन लगाया था, क्योंकि उनकी चूत बहुत ज्यादा महक रही थी, में धीरे धीरे उनकी चूत को चूमने, चाटने लगा और वो भी अपनी चूत को मेरे मुहं पर रगड़ रही थी. उसके बाद मैंने अपनी जीभ को उनकी चूत के अंदर डाल दिया और उनकी चूत के रस को चूसने लगा.

फिर मैंने कुछ देर चूत को चूसने चाटने के बाद अपने लंड को अपनी सासू जी की चूत में एक जोरदार धक्का देकर पूरा अंदर डाल दिया और अब में उनके ऊपर लेटकर उनके होंठो को चूसते हुए जमकर ताबड़तोड़ धक्के देकर चुदाई करने लगा. में अपने लंड से सासू की चूत में कस कसकर धक्के मार रहा था और वो भी अपनी तरफ से ज़ोर ज़ोर से अपनी गांड को उठाकर धक्के दे रही थी और चिल्ला भी रही थी, उफफ्फ्फ्फ़ हाँ मेरे राजा अब मेरी चूत बहुत दर्द कर रही है आईईई प्लीज थोड़ा धीरे धीरे चोदो ना मेरे सैयाँ आह्ह्ह्हह उफ्फ्फफ्फ ओहहह्ह्ह वरना में आज मर जाउंगी. फिर में अब बिना रुके उनकी चूत को जमकर धक्के देकर चोद रहा था और उनके लाल लाल होंठो को चूसते हुए में अपना लंड उनकी चूत में अंदर बाहर कर रहा था. करीब एक घंटे की चुदाई के बाद मेरे लंड का पानी उनकी चूत में गिरने वाला था.

मैंने झट से उनकी चूत से अपने लंड को बाहर निकालकर सासू जी के मुहं में डाल दिया और उनके मुहं को हल्के धक्के देकर चोदने लगा. करीब दो चार धक्को के बाद मेरे लंड का सारा वीर्य मेरी सासू जी के मुहं में भर गया और वो उसे पी गई और मेरे लंड को चूसकर चाटकर साफ कर दिया. उसके बाद हम एक दूसरे से चिपक कर नंगे ही सो गये, वो मेरे लंड को पकड़ी हुई थी और में उनकी चूत और गांड के छेद को सहला रहा था. फिर हमें ना जाने कब नींद आ गई.

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